November 28, 2022
World Sight Day 2022: शिशु को भेंगेपन से बचाने के लिए गर्भवती महिलाएं इन चीजों का करें सेवन


World Sight Day 2022: भेंगापन आंखों की एक ऐसी समस्या है जिसमें किसी बिंदु को दोनों आंखें एक समय पर एक साथ नहीं देख सकतीं. यह आंखों की एक आम समस्या है जिसमें आंखें अलग-अलग दिशाओं की तरफ देखती हैं. आमतौर पर भेंगेपन की समस्या बच्चों में ज्यादातर देखने को मिलती है, लेकिन कुछ मामले बड़ों में अक्सर देखने को मिल जाते हैं. हमारी आंखें एक मांसपेशियों से जुड़ी होती हैं. ये मांसपेशियां दोनों आंखों को एक दिशा में एक साथ ले जाने का काम करती हैं लेकिन जब यह मांसपेशियां इस काम को ठीक से नहीं कर पाती तो आंखों में इस तरह की समस्या आ जाती है.

बच्चों में भेंगेपन के लक्षण बचपन से ही देखने में मिल जाते हैं. कई बच्चों में यह समस्या जन्म के समय से होती है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए जिससे शिशु को भेंगेपन से बचाया जा सके. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान एक महिला का उचित और संतुलित पोषण गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की आंख और मस्तिष्क के विकास में अहम भूमिका निभाता है. अगर महिलाएं अपने आहार में कुछ खास बातों का ध्यान रखें तो शिशु को भेंगेपन से बचाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर वो कौन से आहार हैं जो इस समस्या से बचनें में शिशु की मदद करते हैं…

शकरकंद: शकरकंद कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है. यह बीटा-कैरोटीन का एक बहुत अच्छा स्रोत है, शरीर के अंदर जाने के बाद यह विटामिन ए में बदल जाता है. विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है. इसलिए यह एक गर्भवती महिला शकरकंद का अधिक सेवन करती है तो शिशु के लिए यह फायदेमंद होगा.

फलियां: फलियां कई खाद्य पदार्थों का समूह हैं जिनमें दाल, सोयाबीन, मटर, बीन्स, छोले और मूंगफली शामिल हैं. ये सभी खाद्य पदार्थ फाइबर, प्रोटीन, फोलेट, कैल्शियम और आयरन का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, और ये सभी गर्भवती महिला के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. शरीर में पर्याप्त फोलेट होने से आप इस बात से संतुष्ट हो सकती हैं कि आपका अजन्मा बच्चा स्वस्थ रहेगा और भविष्य में कई बीमारियों और संक्रमणों से सुरक्षित रहेगा.

पत्तेदार हरी सब्जियां: हरी और पत्तेदार सब्जियां सभी के लिए स्वास्थ्य वर्द्धक हैं, लेकिन जब गर्भवती मां की बात आती है तो हरी सब्जियां रामबाण से कम नहीं हैं. पत्तेदार हरी सब्जियां आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और हम सभी जानते हैं कि ये हमारे शरीर को कई बीमारियों और संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती हैं. एंटीऑक्सिडेंट, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, विटामिन और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत होने के नाते, हरी सब्जियां आपके गर्भावस्था के दौरान खाने से आपके शिशु का विकास अच्छा होगा.

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सालमन: सालमन ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छ माना जाता है. गर्भवती महिलाओं को अपने आहार में इसे आवश्यक रूप से शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह नवजात शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में मदद करता है. यह विटामिन डी का भी एक बड़ा स्रोत है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है.

अंडे: कई महिलाएं अंडे खाने से परहेज करती हैं लेकिन यह ल्यूटिन और जेक्सैन्थिन का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, जो दृष्टि संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है. इससे रतौंधी, सूखी आंखें आदि शामिल हैं की संभावना भी कम होती है. ये महत्वपूर्ण पोषक तत्व आपके अजन्मे बच्चे की आंखों के विकास के लिए काफी आवश्यक तत्व है.


कितने प्रकार का होता है भैंगापन?
-जब किसी की आंख अंदर की तरफ आती है तो इस प्रकार के भेंगेपन को ईसोट्रोपिया (Esotropia) कहते हैं.
-जब किसी की आंख बाहर की तरफ आती हैं तो उसे एक्सोट्रोपिया (Exotropia) कहते हैं.
-जब किसी की आंख ऊपर की तरफ जाने लगती हैं तो उसे हाइपरट्रोपिया (Hypertropia) कहते हैं.
-जब किसी की आंख नीचे की तरफ देखती हैं तो उसे हाइपोट्रोपिया (Hypotropia) कहते हैं.

आपको किस प्रकार का भैंगापन है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आंख की कौन सी नस प्रभावित हैं. इन्हीं मांसपेशियों की वजह से ही हमारी आंख अंदर, बाहर, ऊपर और नीचे होती है.

Tags: Health, Lifestyle, Pregnancy



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