November 28, 2022
World Pneumonia Day: जानलेवा भी साबित हो सकता है निमोनिया, यहां जानें इसके कारण और लक्षण


World Pneumonia Day Symptoms Causes Treatment in Hindi: आज विश्व निमोनिया दिवस है. 2009 से हर साल 12 नवंबर को इसे मनाया जाता है. ग्लोबल कोएलिशन अगेस्ट चाइल्ड न्यूमोनिया ने दुनिया भर से निमोनिया को खत्म करने के उद्देश्य से पहला वर्ल्ड निमोनिया डे मनाया था. अक्सर लोग मानते हैं कि निमोनिया बच्चों की बीमारी है और यह ठंड के कारण होती है. लेकिन, यह छोटी उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को अपनी चपेट में ले सकती है. निमोनिया एक ऐसी बीमारी है जो हमारे फेफड़ों से जुड़ी है. निमोनिया में फेफड़ों में संक्रमण फैल जाता है और यह एक या फिर दोनों फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है.

हेल्थलाइन की खबर के अनुसार निमोनिया होने पर फेफड़ों की हवा की थैली में सूजन आ जाती है. बता दें कि हमारे फेफड़ों में बुलबुरे के समान कई छोटी छोटी थैलियां होती हैं जिन्हें मेडिकल टर्म में हम एल्वियोली कहते हैं. इन थैलियों का काम होता है ऑक्सीजन को ब्लड में घोलना और कार्बनडाइऑक्साइड को शरीर से बाहर निकालना. निमोनिया होने पर इन थैलियों में हवा या तरल पदार्थ जमा होने से सूजन आने लगती है. निमोनिया किसी को भी हो सकता है, हालांकि यह बच्चों और बुजर्ग लोगों में अधिक देखा जाता है.

निमोनिया होने के लक्षण
सर्दियां आते ही निमोनिया के मामले भी तेजी से बढ़ जाते हैं. इस बीमारी के संकेत हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं. इसके लक्षण संक्रमण पैदा करने वाले रोगाणु के प्रकार पर ज्यादातर निर्भर करते हैं. निमोनिया के हल्के लक्षण सामान्यतौर पर सर्दी या फिर फ्लू के समान होते हैं. आइए जानते हैं इसके कुछ प्रमुख लक्षण के बारे में…

– सांस लेने पर सीने में दर्द होना
– खांसी के साथ-साथ कफ की समस्या
– जल्दी जल्दी थकान महसूस करना
– कंपकंपी और पसीने के साथ बुखार का आना
– उल्टी और जी मचलाना
– दस्त होना
– कमजोरी महसूस करना
– भूख नहीं लगना

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निमोनिया होने के ये हैं बड़े कारण
फेफड़ों में रोगाणुओं के संक्रमण की वजह से होता है. यह बीमारी उन लोगों पर ज्यादा अटैक करती है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर होती है. कई तरह के कीटाणु निमोनिया का कारण बन सकते हैं. हम जिस वातारण में सांस लेते हैं उसमें कई तरह के कीटाणु मौजूद होते हैं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इन कीटाणुओं के संक्रमण से हमारी रक्षा करती है. लेकिन, कभी कभी ये कीटाणु हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मात दे देते हैं और फेफड़ों में संक्रमण फैलाने लगते हैं.

बैक्टीरिया- बैक्टीरिया निमोनिया का सबसे अहम कारण है. बैक्टीरिया से पनपने वाला निमोनिया आमतौर पर सर्दी या फिर फ्लू के बाद होता है. यह फेफड़े के एक हिस्से को प्रभावित कर सकता है जिसे लोबर निमोनिया कहा जाता है.

बैक्टीरिया जैसे दूसरे जीव: माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया भी निमोनिया का कारण हो सकता है. इस तरह के निमोनिया में लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते इसिलए इसे वॉकिंग निमोनिया भी कहा जाता है. इससे ग्रसित लोगों को आराम की ज्यादा जरूरत होती है.

फंगस- जिन लोगों का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है उन लोगों में इस तरह का निमोनिया होने की संभावना कई गुना अधिक होती है. आस-पास की गंदगी की वजह से इसके होने की संभावना अधिक होती है.

Tags: Health, Lifestyle



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