December 10, 2022
World Mental Health Day 2022: मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं ये फैक्टर्स, इन लक्षणों को ना करें इग्नोर


हाइलाइट्स

आज ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जा रहा है.
वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने 1992 में इस दिन की घोषणा की थी.

World Mental Health Day 2022: हर साल 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने मिलकर वर्ष 1992 में आज (10 अक्टूबर) के दिन ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे’ सेलिब्रेट करने की घोषणा की थी. उसके बाद से यह दिन प्रत्येक वर्ष मनाया जाने लगा. इस दिन को मनाने का उद्देश्य है मानसिक स्वास्थ्य के बेहतर बनाए रखने के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना. साथ ही लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने और मेंटल हेल्थ के मुद्दों को लेकर समाज में मौजूद स्टिग्मा को कम करना भी है. हर साल इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है. इस वर्ष डब्लूएचओ ने ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे 2022’ की थीम ‘मेकिंग मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग फॉर ऑल ए ग्लोबल प्राइयॉरिटी’ रखी है.

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मेंटल हेल्थ को प्रभावित करने वाले कारक

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (नई दिल्ली) की साइकियाट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती कहतीं कि मेंटल हेल्थ कई कारणों जैसे बायोलॉजिकल, साइकोलॉजिकल और सोशल फैक्टर्स से प्रभावित हो सकता है. बायोलॉजिकल फैक्टर्स यानी जब ब्रेन में कोई केमिकल बदलाव हो जाए, तो व्यक्ति को मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. साइकोलॉजिकल फैक्टर्स व्यक्ति की पर्सनैलिटी से जुड़े होते हैं. सोशल कारण में व्यक्ति की सामाजिक परिस्थितियां कैसी हैं, इससे भी मेंटल हेल्थ पर बहुत अधिक एफेक्ट पड़ता है. इसमें जॉब प्रोफाइल कैसी है, वर्क प्रेशर, आपको लेकर परिवार की आशाएं, उम्मीदें क्या हैं, जॉब लॉस आदि बातें भी काफी हद तक एक व्यक्ति की मानसिक सेहत को प्रभावित करती हैं. कई बार शारीरिक रूप से बीमार होने, आत्मविश्वास में कमी, आत्म-सम्मान में कमी, पारिवारिक लड़ाई-झगड़े, किसी प्रिय व्यक्ति को खो देने आदि कारणों से भी दिमाग की सेहत पर काफी बुरा असर पड़ता है.

  • बायोलॉजिकल फैक्टर्स
  • साइकोलॉजिकल फैक्टर्स
  • मल्टी-एलीमेंट फैक्टर्स
  • हेरिडिटरी फैक्टर्स
  • एन्वायरमेंटल फैक्टर्स
  • इकोनॉमिक फैक्टर्स
  • सोशल फैक्टर्स

मानसिक सेहत से संबंधित बीमारियां

डॉ. प्रेरणा कुकरेती कहतीं है कि सबसे कॉमन मेंटल डिजीज है एंग्जायटी डिसऑर्डर और डिप्रेसिव डिसऑर्डर. इन्हें कॉमने मेंटल डिसऑर्डर भी कहा जाता है. एंग्जायटी डिसऑर्डर में कई सारे डिसऑर्डर होते हैं, जैसे पैनिक डिसऑर्डर, ट्रॉमैटिक स्ट्रेस से संबंधित डिसऑर्डर. इनके अलावा गंभीर रूप से होने वाले मेंटल इलनेस हैं सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर आदि. हालांकि, कॉमन मेंटल डिसऑर्डर की तुलना में इनके होने की पर्सेंटेज काफी कम होती है. कुछ चाइल्डहुड से संबंधित डिसऑर्डर्स होते हैं, जैसे ऑटिज्म, अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिव डिसऑर्डर (एडीएचडी), मूड डिसऑर्डर, ईटिंग डिसऑर्डर, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर आदि. आजकल सब्सटेंस यूज डिसऑर्डर भी कॉमन हो गया है.

  • बच्चों में होने वाले बिहेवियरल और इमोशनल डिसऑर्डर
  • डिसोसिएशन और डिसोसिएटिव डिसऑर्डर
  • बाइपोलर डिसऑर्डर
  • स्ट्रेस और डिप्रेशन
  • एंग्जायटी डिसऑर्डर
  • ईटिंग डिसऑर्डर
  • ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर
  • पैरानोइया या संविभ्रम
  • मनोविकृति या सोइकोसिस
  • सिजोफ्रेनिया

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खराब मानसिक सेहत के लक्षण

डॉ. प्रेरणा कुकरेती कहतीं है कि मेंटल डिसऑर्डर्स या डिजीज व्यक्ति के सोचने के तरीके, व्यवहार और भावनाओं को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं. मूड को प्रभावित करते हैं. यदि आपके अंदर सेल्फ-स्टीम, उत्साह की कमी, वहम महसूस करना, एंग्जायटी, स्ट्रेस, चिंतित रहना, लोगों से बात करने से बचना, बाहर जाने का मन ना करना, वर्क प्रोडक्टिविटी खराब होने जैसे लक्षण नजर आएं तो अलर्ट हो जाएं. एक बात का ध्यान दें कि ये लक्षण व्यक्ति में कितने समय से नज़र आ रहे हैं. कभी-कभार ऐसा होना सामान्य है, लेकिन लगातार दो-तीन सप्ताह ऐसा होता रहे, आपके पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर इसका नेगेटिव असर पड़ने लगे तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए.

मेंटल हेल्थ को फिट रखने के लिए क्या करें

मानसिक सेहत आपकी अच्छी बनी रहेगी तो आपका पूरा शरीर सही तरीके से काम करेगा. इसके लिए बेहद जरूरी कि आप नियमित दिनचर्या का पालन करें. अपने मन को खुश रखने की कोशिश करें. दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए जीवन में स्ट्रेस लेने से बचें. आजकल लोग नींद भी पर्याप्त नहीं लेते हैं. यह मेंटल हेल्थ को काफी हद तक प्रभावित करता है. ऐसे में स्लीप हाइजीन पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपने मन की बात को शेयर करें. जीवन के प्रति पॉजिटिव सोच रखें. अच्छी चीजें पढ़ें, लिखें. मेंटली फिट रहने के लिए योग, मेडिटेशन का अभ्यास करें. मानसिक बीमारी किसी को भी हो सकती है, इसे स्टिग्मा की तरह न लें. अपने परिवार, दोस्तों के साथ बातें करें. जिन चीज़ों, हॉबीज को करने में मजा आता है, उन्हें करें.

Tags: Health, Lifestyle, Mental health, World mental health day



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