November 28, 2022


हाइलाइट्स

अखिल गिरि एक वीडियो क्लिप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रंग-रूप को लेकर टिप्पणी करते हुए सुने गए.
बीजेपी ने गिरि के इस बयान को लेकर उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की.
टीएमसी ने अपने नेता के बयान की निंदा की है, वहीं गिरि ने भी अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी है.

कोलकाता. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरि विवादों में घिर गए हैं. गिरि ने एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद अपने विवादित बयान के लिए माफी मांगी है. वहीं बीजेपी ने राष्ट्रपति को लेकर उनके बयान के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है.

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार में मंत्री गिरि को 17 सेकंड के इस वीडियो में ‘राष्ट्रपति के रंग-रूप’ को लेकर कथित रूप से टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है. हालांकि News18 हिन्दी स्वतंत्र रूप से उस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

इस वीडियो में राज्य के सुधार गृह मंत्री और टीएमसी नेता गिरि को कहते सुना गया कि, ‘उन्होंने (बीजेपी) ने कहा कि मैं अच्छा नहीं दिखता हूं. हम किसी को उसके रूप से नहीं आंकते. हम (भारत के) राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं. लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?’

बीजेपी ने की मंत्री पद से बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग
बताया जाता है कि गिरि ने यह टिप्पणी शुक्रवार देर शाम नंदीग्राम के एक गांव में एक रैली में की. गिरि के इस बयान को लेकर बीजेपी की बंगाल ईकाई हमलावर है. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैली निकालकर गिरी को मंत्री पद से बर्खास्त करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की.

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बीजेपी ने मंत्री अखिल गिरि को बर्खास्त करने की मांग की है. केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गिरि के बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और यह स्पष्ट करने को कहा कि किसके इशारे पर उन्होंने इस तरह की ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘अभद्र’ टिप्पणी की. मुंडा ने कहा कि उन्होंने 10 करोड़ से अधिक आदिवासियों की भावनाओं को आहत किया है और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को चोट पहुंचाई है.

‘गिरि के बयान से हर देशवासी की भावना आहत’
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि संविधान के मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लेने वाला एक मंत्री इस तरह का आपत्तिजनक बयान देता है तो उसे निश्चित रूप से बर्खास्त किया जाना चाहिए. भाटिया ने कहा कि ममता बनर्जी को मिसाल कायम करते हुए इस तरह के नेता को अपनी पार्टी से निष्कासित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन जनजातीय समुदाय की एक महिला के खिलाफ गिरि की टिप्पणी ने हर देशवासी की भावनाओं को आहत किया है.

वहीं बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख सुकांत मजुमदार ने कहा कि गिरि की यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस की जनजातीय विरोधी मानसिकता को दर्शाती है. बीजेपी के राष्ट्रीय सूचना एंव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी कैबिनेट के मंत्री ने राष्ट्रपति का अपमान किया है. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता सौमित्र खान ने इस बयान को घृणित करार दिया.

TMC ने गिरि के बयान की निंदा
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि वह इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करती, लेकिन नेताओं के इस तरह के व्यक्तिगत बयान की जिम्मेदारी पार्टी नहीं लेती. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘हम लोगों के व्यक्तिगत बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. पार्टी इस तरह के बयान का ना तो समर्थन करती है और ना ही इसकी जिम्मेदारी लेती है. देश के राष्ट्रपति का हम बहुत सम्मान करते हैं.’

टीएमसी ने गिरि की टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के लिए हमारे मन में अत्यंत सम्मान है. हमारी पार्टी विधायक अखिल गिरी द्वारा की गई दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी की कड़ी निंदा करती है और स्पष्ट करती है कि हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं. महिला सशक्तिकरण के युग में इस तरह की कुप्रथा अस्वीकार्य है.’

अखिल गिरि ने मांगी माफी
इस बीच गिरि ने भी अपने बयान के लिए माफी मांग ली है. गिरी ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘मेरा आशय माननीय राष्ट्रपति का अनादर करने से नहीं था. मैं केवल उन बयानों का जवाब दे रहा था, जो बीजेपी नेताओं ने मुझ पर हमला करते हुए दिए हैं. हर दिन अपने रूप के कारण मैं मौखिक हमले का शिकार होता हूं. अगर किसी को लगता है कि मैंने राष्ट्रपति का अनादर किया है, तो मैं इस बयान के लिए माफी मांगता हूं. देश के राष्ट्रपति का मैं बहुत सम्मान करता हूं.’

तृणमूल के 63 वर्षीय विधायक गिरी ने कहा कि बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी उनके और उनके रूप के खिलाफ जिस तरह के बयान देते हैं उससे वह खुद को अपमानित और व्यथित पाते हैं. गिरी ने कहा कि वह एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं और गलती से मैंने अपने गुस्सा भरे इजहार के तहत यह बयान दे दिया.

इस बीच, पूर्वी मिदनापुर जिले के एक स्थानीय नेता ने कहा कि उसने नंदीग्राम पुलिस थाने में गिरि के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने कहा कि उसे गिरि के खिलाफ अभी ऐसी शिकायत नहीं मिली है.

Tags: BJP VS TMC, President Draupadi Murmu, TMC Leader



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