December 10, 2022
rights of a person arrested

हमारे देश भारत में लोग पुलिस को देख कर सुरक्षित महसूस नहीं

करते हैं बल्कि उनसे डर लगता है ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि

आपको अपना अधिकार नहीं पता है।

और पुलिस भी  नियम को फॉलो किए बिना किसी को कभी भी

गिरफ्तार कर लेती है और उसको काफी लंबे समय तक अपने

हिरासत में रखती है।

 

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपको अपना अधिकार पता नहीं

होता है। आज के इस पोस्ट में आपको कुछ अधिकार बताने वाला हूं

जो आपको पता होंगे तो आप पुलिस से बिल्कुल भी नहीं डरेंगे।

गिरफ्तारी पर आपके अधिकार

  • जब कोई पुलिस गिरफ्तार करने के लिए आता है तो गिरफ्तारी के कारण जानने का अधिकार Crpc 50 (1)
  • CrPc 46(1) , के तहत महिला को महिला पुलिस ही गिरफ्तार करेगी।
  • CrPc 46(4) , के किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। अगर इस बीच महिला को गिरफ्तार करनी होगी तो उसके लिए स्पेशल परमिशन लेनी होगी।
  • नॉन कॉग्निजेबल ऑफेंस (छोटे मोटे अपराध) मामले में वारंट देखने का अधिकार ।
  • Crpc 41(B) , के तहत मौके पर अरेस्ट मेमो बनवाने का अधिकार।

पुलिस जब आपको गिरफ्तार करती है तो आपके पास अधिकार होता है क्यों अरेस्ट मेमो बनाएं।

यह एक मेन्यू होता है जिसमें पुलिस को लिखना होता है उसने

आपको किस जगह से गिरफ्तार किया है और जिस ऑफिसर ने गिरफ्तार किया है उसकी पद क्या है।

और किस लिए गिरफ्तार किया गया है साथ में  परिवार के किसी

एक सदस्य का या मोहल्ले के किसी रिस्पेक्टिव आदमी का हस्ताक्षर करने होते हैं।

साथ ही जिस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है उसका भी हस्ताक्षर अरेस्ट मेमो में किया जाता है।

आजकल बहुत जगह है यह देखा जाता है कि अरेस्ट करते समय  अरेस्ट मेमो बनाया ही नहीं जाता है।

लेकिन अगर आपके पास नॉलेज है तो पुलिस से बोलिए  कि मौके पर ही अरेस्ट मेमो तैयार करें।

  • CrPc 50A , के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य या किसी रिलेटिव को सूचना देनी होगी।

अगर पुलिस कहीं बाहर से आपको गिरफ्तार करता है तो वह आपके परिवार को सूचना देगा।

  • CrPc 55A , के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के हेल्थ और सुरक्षा का ध्यान रखना होगा।

कोई भी पुलिस जब आप को गिरफ्तार कर लेता है तो ये उसका अधिकार होता है कि वह आपकी स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें।

  • Crpc 41 D , के तहत इंटेरोगेशन के दौरान अपने वकील से मिलने का अधिकार और वकील से मिलने तक मैं आपके किसी भी सवाल का जवाब नहीं दूंगा।
  • Crpc 57 , के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जा सकता। अगर 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखना है तो Crpc 167 के तहत मजिस्ट्रेट से आज्ञा लेनी होगी।
  • Crpc 56 , के तहत 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का अधिकार।

पुलिस जब आप को गिरफ्तार कर लेती है तो 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना जरूरी होता है।

कई मामलों में ऐसा होता है पुलिस की इन्वेस्टिगेशन 24 घंटे में नहीं हो पाती है ।

तो ऐसे में पुलिस अगर किसी व्यक्ति को हिरासत में 24 घंटे से ज्यादा रखना चाहती है तो इसके लिए आईपीसी सेक्शन 167 के तहत मजिस्ट्रेट से आज्ञा लेनी होगी।

मजिस्ट्रेट के आदेश देने के बाद ही 24 घंटे से ज्यादा किसी व्यक्ति को रख सकता हूं।

कई लोग ऐसे होते हैं जो बोलते हैं पुलिस ने हमें 2 दिन तक, 4 दिन तक हिरासत में रखा।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन लोगों के पास नॉलेज नहीं है। उन्हें अपने अधिकार पता नहीं है।

अगर आपको आपका अधिकार पता है तो आप जान सकते हैं। पुलिस आपको 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती है।

  • CrPc 54 , के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के अनुरोध पर उसका मेडिकल टेस्ट कराना होगा।

जैसे ही आप की गिरफ्तारी होती है तो आपको पुलिस से यह डिमांड करना चाहिए कि आपका एक मेडिकल टेस्ट किया जाए।

आप कुछ भी बता सकते हैं मुझे _ प्रॉब्लम है, मुझे _ बीमारी है तो पुलिस की अब ड्यूटी बन जाती है कि वह आपका मेडिकल टेस्ट करवाएं।

इसके बाद जब आप को कोर्ट में ले जाया जाता है उससे पहले भी मेडिकल कराया जाता है।

इससे आपको यह बेनिफिट होगा कि पुलिस आपके साथ मारपीट नहीं कर सकता है ।

क्योंकि अगर गिरफ्तारी के समय  आपका मेडिकल हो गया तो उसके बाद कोर्ट में जाते समय जो मेडिकल होगा ।

अगर पुलिस आपके साथ मारपीट करेगी तो उस मेडिकल में वह चोटें आएगी तो इसलिए अगर आप पहले ही मेडिकल करा लेंगे।

तो पुलिस आपके साथ ऐसी मारपीट नहीं करेगी जिससे आप पर चोटें आएं।

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