December 10, 2022


हाइलाइट्स

तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में 75 देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर केंद्र सरकार का फोकस
सम्मेलन का मकसद आतंकवाद वित्तपोषण के सभी पक्षों पर चर्चा को शामिल करना

नयी दिल्ली. मोदी सरकार आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रही है और इस बुराई के विरूद्ध भारत की लड़ाई में उसके संकल्प से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि वह यहां 18-19 नवंबर को ‘आतंकवाद के लिए कोई पैसा नहीं’ (एनएमएफटी) विषयक तीसरा मंत्रिस्तरीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है जिसमें 75 देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि दो दिनों तक परिचर्चा में हिस्सा लेंगे.

मंत्रालय के बयान के अनुसार, एनएमएफटी सम्मेलन की मेजबानी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे, इस बुराई को बिल्कुल नहीं बर्दाश्त नहीं करने की उसकी नीति, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस मुद्देपर चर्चा कराने को मोदी सरकार द्वारा दी जा रही अहमियत को दर्शाती है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे तथा आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई में सफलता हासिल करने के लिए आतंकवाद एवं उसके सहयोग तंत्र के खिलाफ संघर्ष में भारत का संकल्प सामने रखेंगे.

बयान के अनुसार इस सम्मेलन का लक्ष्य , पेरिस (2018) और मेलबर्न (2019) के पिछले दो सम्मेलनों में आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के विषय पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जो चर्चा की थी, उसे आगे ले जाना है. उसका मकसद आतंकवाद वित्तपोषण के सभी पक्षों के तकनीकी, कानूनी एवं सहयेाग पहलुओं पर चर्चा को शामिल करना है. उसमें आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर केंद्रित अन्य उच्च स्तरीय आधिकारिक एवं राजनीतिक चर्चा को गति प्रदान करने की कोशिश की जाएगी.

दुनियाभर में कई देश वर्षों से आतंकवाद एवं उग्रवाद से पीड़ित हैं. इस हिंसा के स्वरूप भले ही भिन्न भिन्न हैं लेकिन वह काफी हद तक अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल एवं दीर्घकालिक जातीय संघर्षों के कारण उत्पन्न होती है. भारत ने पिछले तीन दशकों से अधिक समय से आतंकवाद के विभिन्न रूपों को झेला है, इसलिए वह इस स्थिति से प्रभावित देशों की पीड़ा समझता है.

Tags: Amit shah, Home ministry, Terrorism



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