Mayawati Raised Questions On Madrassa Survey Madarsa Board Chief Hits Back | मदरसों के सर्वे पर मायावती ने उठाए सवाल, मदरसा बोर्ड के चीफ ने किया पलटवार, कहा » Br Breaking News
December 7, 2022


Mayawati On Madarsa Survey: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में पूरे राज्य में मदरसों का सर्वे करवाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे राज्य में 7500 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे मिले हैं. वहीं अब बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार (26 अक्टूबर) को सर्वेक्षण करने के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया है. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार अनुदान सूची में “इन निजी मदरसों” को शामिल करेगी. हालांकि, राज्य मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद ने विपक्षी दल के नेता पर “वोट बैंक की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया.

‘गैर-सरकारी मदरसे सरकार पर बोझ नहीं बनना चाहते’

सर्वेक्षण को एक “हस्तक्षेप” बताते हुए, बसपा प्रमुख ने एक बयान में कहा: “राज्य सरकार ने एक विशेष टीम बनाकर लोगों के दान पर निर्भर निजी मदरसों के बहुप्रचारित सर्वेक्षण का काम पूरा किया है, और इसके अनुसार, 7,500 से अधिक ‘गैर-मान्यता प्राप्त’ मदरसे गरीब बच्चों को शिक्षा देने में लगे हुए हैं… ये गैर-सरकारी मदरसे सरकार पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं, फिर हस्तक्षेप क्यों करें?”

‘क्या इन्हें सरकारी मदरसा बनाया जाएगा?’

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उन्होंने आगे कहा, “मदरसा बोर्ड द्वारा संचालित सरकारी मदरसों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए विशेष रूप से बजट प्रावधान के लिए एक सर्वेक्षण किया जाता है, क्या उत्तर प्रदेश सरकार इन निजी मदरसों को अपनी अनुदान सूची में शामिल करेगी और उन्हें सरकारी मदरसा बनाएगी?” उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी के शासन के दौरान यूपी बोर्ड में 100 मदरसों को शामिल किया गया था.

75 जिलों में सर्वे हुआ पूरा

पिछले महीने यूपी सरकार ने राज्य के सभी निजी मदरसों के सर्वे का आदेश देते हुए कहा था कि इसके आधार पर इन संस्थानों में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. राज्य के सभी 75 जिलों में सर्वे लगभग पूरा हो चुका है. मदरसों के सर्वे के लिए गठित टीमें 31 अक्टूबर तक जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट देंगी.

मदरसा बोर्ड के चीफ ने उठाए विपक्ष की मंशा पर सवाल

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद ने विपक्ष पर केवल वोट बैंक की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया. मायावती के बयान के समय पर सवाल उठाते हुए जावेद ने कहा कि विपक्ष इस बात से चिंतित था कि सर्वेक्षण शांतिपूर्वक पूरा हो गया है. उन्होंने कहा, “विपक्ष को मुसलमानों या मदरसों की चिंता नहीं है. वे सिर्फ इस बात से चिंतित हैं कि कैसे पूरा सर्वेक्षण शांतिपूर्वक पूरा हो गया और यहां तक ​​कि मुस्लिमों और मदरसों ने भी सहयोग किया.”

‘यह अजीब है कि विपक्ष अब बोल रहा है’

मदरसा बोर्ड के प्रमुख ने कहा, “यह अजीब है कि विपक्ष अब बोल रहा है जब सर्वेक्षण पूरा हो गया है. उल्लेखनीय है कि हमने अपनी बोर्ड बैठक के दौरान 15 जून को सर्वेक्षण के बारे में बात करना शुरू किया था. सरकार ने 30 अगस्त को एक पत्र जारी किया और सितंबर से सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई. वे अब तक कहां थे? अब, जब सर्वेक्षण पूरा हो गया है, तो वे सवाल उठा रहे हैं, जो खुद ही संदेह पैदा करता है.”

जावेद के मुताबिक शुरुआती रिपोर्ट में करीब 7,500 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिले हैं और हर जिले में अतिरिक्त जिलाधिकारी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को जिलाधिकारी सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे. जावेद ने कहा कि गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या कमोबेश यही होने की संभावना है.

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