Indian Army Will Get More M4 Armoured Vehicles With Spike Missiles » Br Breaking News
November 29, 2022


Bharat Forge Limited: एम-4 बख्तरबंद वाहन बनाने वाली कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड जल्दी ही भारतीय सेना को 30 और ऐसे वाहन सप्लाई करने जा रही है. इससे पहले कंपनी ने 60 एम-4 वाहन सेना को सप्लाई किए थे, जिन्हें चीन से गतिरोध के बाद पूर्वी लद्दाख में तैनात कर दिया गया था. इसके अलावा इन वाहनों को एक्सपोर्ट करने की भी बात चल रही है.

कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, सेना के अनुरोध पर एम-4 में स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के साथ फायरपावर अपग्रेड भी दिया जा रहा है. इसके साथ ही इसके मौजूदा 30 एमएम गन को 76 एमएम गन में अपग्रेड करने की योजना पर काम किया जा रहा है. कंपनी के अधिकारी ने कहा है कि ये खतरनाक इलाकों में मुख्य सैनिक वाहन बनने जा रहा है.

कंपनी के पास लगातार आ रहे हैं ऑर्डर

पिछले सप्ताह गांधीनगर में डिफेंस एक्सपो 2022 में कार्यक्रम के दौरान कंपनी के एक अधिकारी ने कहा था कि हमने अब तक भारतीय सेना को 60 एम-4 वाहन वितरित किए हैं, जिनमें से कुछ संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए भी भेजे गए हैं. हमें 30 वाहनों का एक और ऑर्डर मिला है और आगे भी ऑर्डर मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि कंपनी के पास विदेशों से भी ऑर्डर आ रहे हैं. आगे की मांगों को ध्यान में रखते हुए भारत फोर्ज हर साल 100 वाहनों की उत्पादक क्षमता को बढ़ा रहा है. कंपनी के अधिकारियों ने ये बताया कि डिफेंस एक्सपो 2022 के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने इसके बारे जानकारी भी ली है.

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भारत फोर्ज पैरामाउंट के साथ मिलकर बनाती है वाहन

साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध बढ़ने के बाद सेना ने ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में इन वाहनों को लगाया और तलाशी अभियान जारी रखा. सेना ने तब से भारत फोर्ज और टाटा ग्रुप से संरक्षित सैन्य वाहक का ऑर्डर दिया है. भारत फोर्ज ने वैश्विक एयरोस्पेस और प्रौद्योगिकी कंपनी पैरामाउंट ग्रुप के साथ समझौता किया है. पैरामाउंट ने ही एम-4 वाहन का आईपी भारत फोर्ज के साथ शेयर किया था.

डिफेंस एक्सपो में पैरामाउंट ग्रुप के संस्थापक Ivor Ichikowitz ने कहा कि वे भारत को अपने प्राथमिक भागीदारों में से एक बनाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने दुनिया के लिए कई तरह के सिस्टम बनाने के लिए कल्याणी ग्रुप के साथ गठजोड़ किया है. हमारा मानना है कि भारत सबसे बड़े रक्षा निर्यातकों में से एक बन सकता है और इसलिए हमने यहां निवेश किया है. 

एम-4 का भारतीय स्पेशिफिकेशन सबसे एडवांस वर्जन

उन्होंने बताया कि मौजूदा वक्त में 1 बिलियन डॉलर का ऑर्डर बुक किया है और इसकी एक तिहाई सोर्सिंग भारत से की जा सकती है. एम-4 पर बात करते हुए Ivor Ichikowitz ने कहा कि ये शत प्रतिशत मेड इन इंडिया था. इसको भारत में कल्याणी ने बड़े पैमाने पर फिर से डिजायन किया और लगभग 95 प्रतिशत स्वदेशी था. उन्होंने कहा कि एम-4 का भारतीय स्पेशिफिकेशन सबसे एडवांस वर्जन था. ये न सिर्फ भारतीय सेना के लिए बल्कि निर्यात का भी अवसर है. हम मध्य एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व से M4 के ऑर्डर के पोर्टफोलियो के लिए कल्याणी के साथ सहयोग कर रहे हैं.

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