November 28, 2022


Gujarat Election 2022: गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव में कम से कम 16 ऐसी सीट रही थी, जिस पर जीत-हार का अंतर 3,000 वोट से कम रहा था.  इसमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की संभावनाओं को प्रभावित किया था. इनमें से सात सीट पर जीत-हार का अंतर एक हजार वोट से भी कम रहा था. इन 16 सीट में से 10 पर बीजेपी , जबकि छह पर कांग्रेस को जीत मिली थी. वहीं वलसाड जिले की कपराडा विधानसभा  (अनुसूचित जनजाति) सीट से बीजेपी उम्मीदवार मधुभाई राउत कांग्रेस उम्मीदवार जीतूभाई चौधरी से 170 मतों के मामूली अंतर से हार थे.

साल 2017 के चुनाव में, जीत-हार का सबसे कम अंतर वलसाड जिले की (अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित) कपराड़ा सीट पर रहा था, जहां कांग्रेस के उम्मीदवार जीतू भाई चौधरी ने भाजपा के उम्मीदवार मधुभाई राउत को 170 मतों के अंतर से हराया था. राउत को जहां 92,830 वोट मिले थे, वहीं, चौधरी ने 93 हजार मत हासिल किए थे. चौधरी ने 2020 में पाला बदल लिया था, जिसके बाद हुए उपचुनाव में वह बीजेपी  के टिकट पर लड़े. अगले महीने होने वाले चुनाव में भी बीजेपी  ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया है.

कुछ मामलों में, यह देखा गया कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) जैसे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को बड़ी संख्या में मिले वोट ने कांग्रेस (Congress) का खेल बिगाड़ दिया.

मुस्लिम बहुसंख्यक क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार जीते थे

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ऐसी ही एक सीट पंचमहल (Panchmahal) जिले की मुस्लिम बहुसंख्यक क्षेत्र थी. इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सी.के. राउलजी ने कांग्रेस के प्रवीण सिंह चौहान को 258 मतों के मामूली अंतर से हराया था. पूर्व कांग्रेसी राउलजी को एक बार फिर गोधरा सीट से टिकट दिया गया है. इस सीट पर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) और बसपा को लगभग 4,000 वोट मिले थे. इसके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों को 20,000 से थोड़ा अधिक मत प्राप्त हुए थे.

बीजेपी  के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चुडास्मा 2017 में ढोलका सीट से महज 327 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल करने में सफल रहे थे. कई लोगों का मानना है इस सीट पर बसपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) और दो निर्दलीय उम्मीदवारों को मिले लगभग 11,000 वोट ने बीजेपी  की जीत में अहम भूमिका निभाई .

अमित चौधरी ने  2017 अपना पाला बदला था 

गांधीनगर (Gandhinagar)की मानसा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश पटेल ने बीजेपी  के युवा नेता अमित चौधरी को 524 मतों से हराया था. चौधरी ने 2012 में कांग्रेस के टिकट पर उसी सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन 2017 के चुनाव से पहले वह पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

सौरभ पटेल को नहीं मिला टिकट

अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित (Reserved)डांग एक अन्य सीट थी, जहां से बीजेपी (BJP)के उम्मीदवार विजय पटेल को मात्र 768 मतों से कांग्रेस के मंगल गावित से हार का सामना करना पड़ा था. पूर्व ऊर्जा मंत्री और बोटाद सीट से बीजेपी  के विधायक सौरभ पटेल 2017 के चुनाव में 906 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल करने में सफल रहे थे. उन्हें 79,623 मत, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डी.एम. पटेल को 78,717 वोट मिले थे. सौरभ पटेल को इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया है.

इसी तरह कई और सीट रहीं, जहां जीत-हार का अंतर काफी कम रहा. गुजरात की कुल 182 विधानसभा सीट के लिए दो चरणों में मतदान होगा. पहले चरण में एक दिसंबर, जबकि दूसरे चरण में पांच दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. मतगणना आठ दिसंबर को होगी.

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