November 28, 2022
Coronary Artery Disease: कोरोनरी आर्टरी डिजीज से बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, जानें क्या हैं इसके लक्षण


हाइलाइट्स

कोरोनरी आर्टरी डिजीज बन सकता है हार्ट अटैक का कारण.
अधिक स्‍मोकिंग करने से हो सकती है कोरोनरी आर्टरी डिजीज.
अधिक मोटापा भी इस डिजीज को बढ़ाने में मदद कर सकता है.

Risk Factor Of Coronary Artery Disease-  सीने में दर्द,  भारीपन और शरीर का सुन्‍न होना जैसे लक्षण यदि आए दिन परेशान कर रहे हैं तो ये कोरोनरी आर्टरी डिजीज के बढ़ने का संकेत हो सकते हैं. कोरोनरी आर्टरी डिजीज एक सामान्‍य समस्‍या है लेकिन कई बार इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं. इस डिजीज से हर वर्ष लगभग 1 करोड़ 65 लाख लोग प्रभावित होते हैं.

कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षण पुरुष और महिला में अलग-अलग हो सकते हैं. ये समस्‍या आर्टरी में प्‍लाक के जमा होने के कारण होती है. इसके लिए हाई कोलेस्‍ट्रॉल लेवल भी जिम्‍मेदार हो सकता है. कोरोनरी आर्टरी डिजीज के बढ़ने से हार्ट प्रॉब्‍लम्‍स के बढ़ने के चांसेस ज्‍यादा होते हैं. इस डिजीज के कई कारण हो सकते हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में.

कैसे होती है कोरोनरी आर्टरी डिजीज
हेल्‍थ लाइन के अनुसार जब हार्ट में प्रॉपर ब्‍लड ऑक्‍सीजन और न्‍यूट्रीएंट्स नहीं पहुंच पाते तो इस समस्‍या का सामना करना पड़ता है. शरीर में बढ़ते कोलेस्‍ट्रॉल के कारण आर्टरीज में प्‍लाक जमा होने लगता है जिस वजह से कोरोनरी आर्टरी सिकुड़ जाती है और हार्ट के गति को धीमा कर देती है. जब आर्टरी पूरी तरह से प्‍लाक से ब्‍लॉ‍क हो जाती है तो हार्ट अटैक की संभावना भी बढ़ सकती है. इसके बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं.

हाई ब्‍लड प्रेशर
शरीर में बढ़ता हाई ब्‍लड प्रेशर कोरोनरी आर्टरी डिजीज को बढ़ावा दे सकता है. हाई ब्‍लड प्रेशर से हार्ट की गति पर प्रभाव पड़ता है और आर्टरी में प्‍लाक जमा होने का खतरा भी बढ़ सकता है.

हाई कोलेस्‍ट्रॉल
हाई कोलेस्‍ट्रॉल लेवल की वजह से आर्टरीज में प्‍लाक जमा होने लगता है. जब बैड कोलेस्‍ट्रॉल ब्‍लड में सर्कुलेट होता है तो वह आर्टरीज में जाकर जमा हो जाता है. जिस वजह से आर्टरीज ब्‍लॉक भी हो सकती हैं.

ओबेसिटी
ओबेसिटी होने पर भी हार्ट पर प्रभाव पड़ता है. ओबेसिटी से शरीर का ब्‍लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और बैड कोलेस्‍ट्रॉल जमा होने लगता है. जिस वजह से आर्टरीज सिकुड़ने लगती हैं.

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स्‍मोकिंग
स्‍मोकिंग भी कोरोनरी आर्टरी डिजीज के बढ़ने का कारण हो सकती है. अधिक स्‍मोकिंग करने से लंग्‍स डैमेज हो सकते हैं जो आर्टरीज पर प्रभाव डाल सकते हैं. स्‍मोकिंग से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जो ब्‍लॉकेज का कारण बन सकती है.
कोरोनरी आर्टरी डिजीज के अन्‍य रिस्‍क फेक्‍टर
– डायबिटीज
–  इनएक्टि‍विटी
–  अनहेल्‍दी डाइट
– अनिद्रा
–  इमोशनल स्‍ट्रेस
–  अल्‍कोहल का प्रयोग
–  प्रेग्‍नेंसी

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कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षण
– चक्‍कर
–  उल्‍टी
–  बैक पेन
–   जॉ पेन
–  सीने में दर्द
–  सांस देने में परेशानी
–  भारीपन
–  जकड़न
–  जलन

Tags: Health, Heart Disease, Lifestyle



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