brbreakingnews.com
Estimated worth
• $ 182,69 •

Bihar Hooch Tragedy:ऑक्सीजन पर रहे बेटे की मां बोलीं- पचासे रुपैया में पोलोथिन मिलत बा…गांव में मंटू बेचेला – Bihar Hooch Tragedy: Brought Death For 50 Rupees As Poisonous Liquor And Is Now Fighting For Life


सीवान से पटना रेफर होने के पहले जितेंद्र मांझी की मां ने सुनाई शराब पीने से इस हालत की पूरी कहानी।

सीवान से पटना रेफर होने के पहले जितेंद्र मांझी की मां ने सुनाई शराब पीने से इस हालत की पूरी कहानी।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

युवा जितेंद्र मांझी की मां चिंतित है, क्योंकि बेटे को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। रात में ठीक था, फिर धुंधला दिखने की शिकायत की। जबतक अस्पताल आई, सांस फूलने लगा। परेशानी इसलिए भी है, क्योंकि कुछ ही देर में चार लाशों को आसपास से उठकर जाते देख चुकी है। बता नहीं पा रहीं कि कितने लोगों ने शराब पी। यह जरूर बता दिया- “सब लोग के घर बला ही बा। हमार बेटा जितन्दर काल्हे दारू थोड़ा पियले बा। रात में ठीक रहलस। सबेरे उठले त कहलस कि आंख से धुंधरा लौकत। अब दम फुलत। वहां पाचसे रुपैया में पोलोथिन मिलत बा…इस्पिरिट बा…बिन जाति के लोग बेचेला…मंटू नाम बा।” उनकी इन लाइनों में साफ हो रहा है कि 50 रुपए में पाउच वाला स्पिरिट शराब बिक रही है। मछुआरे परिवार का मंटू उनके बाला गांव में बेचता है। इसे पीने से आंखों में धुंधलापन के साथ सांस फूलने की परेशानी आई, मतलब यह जहरीली शराब ही है। जितेंद्र के साथ आगे क्या होगा, उसका अंदाजा मां को है। लेकिन, वह हिम्मत कर बैठी हुई है। इस बातचीत के आधे घंटे बाद ही जितेंद्र की हालत गंभीर हो जाती है और ऐसे ही गंभीर राजू मांझी के साथ उसे पटना के लिए रेफर कर रवाना कर दिया गया। 

देखने में परेशानी के कारण जहरीली शराब की बात में दम

सदर अस्पताल के दरवाजे खुले तो मीडिया ने लालू मांझी की पत्नी और शराब पीने के बाद गंभीर जितेंद्र मांझी की मां से गांव का भी हालचाल जाना। उन्होंने ‘अमर उजाला’ को बताया कि गांव में बहुत सारे लोग बीमार हैं। सदर अस्पताल में उनके दाएं-बाएं भी नबीगंज के बाला गांव से शराब पीकर आए लोग ही भर्ती हैं। वह चार लाशों के आसपास से उठकर जाने की बात भी बताती हैं। इससे पहले लक्षणदेव राम के परिजन ने सदर अस्पताल के बाहर बातचीत में यह जानकारी दी कि उन्होंने शाम में शराब पी और सुबह होने के पहले नित्यक्रिया के लिए उठे तो देखने में परेशानी हो रही थी। कुछ देर बाद ही हालत बिगड़ने लगी तो सदर अस्पताल लेकर आए, लेकिन जान नहीं बची। जिन पांच लोगों की अबतक सदर अस्पताल में मौत हो चुकी, उनके परिजनों से बातचीत से रोका जाता रहा है, लेकिन सभी का कहना है कि शराब के कारण मौत हुई है। जहरीली शराब के केस में पेटदर्द के साथ आंखों की रोशनी घटने या जाने की बात कही जाती है। बताया जा रहा है कि बीमार लोगों ने पांच को देखने में परेशानी हो रही है।



Source link

Leave a Comment