November 28, 2022


पुल का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा गिर गया।

पुल का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा गिर गया।
– फोटो : अमर उजाला

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इस साल अप्रैल में सुल्तानगंज और जून में सहरसा के बाद अब नालंदा में एक निर्माणाधीन पुल के गिरने की खबर सामने आई है। शुक्रवार शाम नालंदा के हरनौत में भागन बिगहा एनएच 20 पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान एक बड़ा हिस्सा गिर गया। करीब 50 मीटर से ज्यादा लंबा यह हिस्सा इस तेजी से गिरा कि कार्यरत मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। अबतक इसके मलबे में एक मजदूर की लाश निकाली गई है। अंधेरा होने और मलबा हटाने में देरी के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि और भी लोग दबे हैं या नहीं। एक अन्य मजदूर के दबे होने की लोग जानकारी दे रहे हैं। 

लोगों ने कहा- घटिया सामग्री के कारण पहले भी गिरा है हिस्सा
बख्तियारपुर-बिहारशरीफ-नवादा-बरही एनएच 20 पर फोर लेन का काम चल रहा है। यहीं गावर कंपनी को सड़क और फ्लाईओवर बनाने का काम दिया गया है। शुक्रवार शाम घटना के बाद पहुंचे लोगों ने बताया कि निर्माण के क्रम में पहले भी पुल का कुछ हिस्सा गिर चुका है, क्योंकि सीमेंट और छड़ बढ़िया क्वालिटी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। लोगों ने बताया कि ढालते हुए इस पुल के हिस्से दो बार गिर चुके हैं। घर में 12 एमएम का छड़ लगता है, वही इसमें लगाया जा रहा है। इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारी इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंचे बीडीओ लक्ष्मण कुमार ने मलबे के अंदर एक के दब जाने की पुष्टि की और बताया कि लोग एक अन्य मजदूर के भी दबे होने की जानकारी दे रहे हैं। मलबे को हटाने के बाद पता चलेगा कि कोई और जान गई है या नहीं।  

इस साल इससे पहले दो बड़े निर्माणाधीन पुल गिर चुके हैं बिहार में
इससे पहले, अप्रैल के अंत में सुल्तानगंज के पास अगुवानी घाट पर बन रहा पुल आंधी-बारिश में गिर गया था। मौसम खराब होने के कारण आसपास कोई नहीं था, इसलिए घटना में कोई जान नहीं गई थी। जून में सहरसा में ढलाई के कुछ ही घंटे बाद एक पुल का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था, जिसके मलबे में दबकर तीन मजदूर घायल हो गए थे।  

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इस साल अप्रैल में सुल्तानगंज और जून में सहरसा के बाद अब नालंदा में एक निर्माणाधीन पुल के गिरने की खबर सामने आई है। शुक्रवार शाम नालंदा के हरनौत में भागन बिगहा एनएच 20 पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान एक बड़ा हिस्सा गिर गया। करीब 50 मीटर से ज्यादा लंबा यह हिस्सा इस तेजी से गिरा कि कार्यरत मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। अबतक इसके मलबे में एक मजदूर की लाश निकाली गई है। अंधेरा होने और मलबा हटाने में देरी के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि और भी लोग दबे हैं या नहीं। एक अन्य मजदूर के दबे होने की लोग जानकारी दे रहे हैं। 

लोगों ने कहा- घटिया सामग्री के कारण पहले भी गिरा है हिस्सा

बख्तियारपुर-बिहारशरीफ-नवादा-बरही एनएच 20 पर फोर लेन का काम चल रहा है। यहीं गावर कंपनी को सड़क और फ्लाईओवर बनाने का काम दिया गया है। शुक्रवार शाम घटना के बाद पहुंचे लोगों ने बताया कि निर्माण के क्रम में पहले भी पुल का कुछ हिस्सा गिर चुका है, क्योंकि सीमेंट और छड़ बढ़िया क्वालिटी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। लोगों ने बताया कि ढालते हुए इस पुल के हिस्से दो बार गिर चुके हैं। घर में 12 एमएम का छड़ लगता है, वही इसमें लगाया जा रहा है। इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारी इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंचे बीडीओ लक्ष्मण कुमार ने मलबे के अंदर एक के दब जाने की पुष्टि की और बताया कि लोग एक अन्य मजदूर के भी दबे होने की जानकारी दे रहे हैं। मलबे को हटाने के बाद पता चलेगा कि कोई और जान गई है या नहीं।  

इस साल इससे पहले दो बड़े निर्माणाधीन पुल गिर चुके हैं बिहार में

इससे पहले, अप्रैल के अंत में सुल्तानगंज के पास अगुवानी घाट पर बन रहा पुल आंधी-बारिश में गिर गया था। मौसम खराब होने के कारण आसपास कोई नहीं था, इसलिए घटना में कोई जान नहीं गई थी। जून में सहरसा में ढलाई के कुछ ही घंटे बाद एक पुल का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था, जिसके मलबे में दबकर तीन मजदूर घायल हो गए थे।  





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