Amitabh Bachchan Birthday: बिग बी रियल लाइफ में स्पाइनल टीबी को दे चुके हैं मात, जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण » Br Breaking News
December 7, 2022
Amitabh Bachchan Birthday: बिग बी रियल लाइफ में स्पाइनल टीबी को दे चुके हैं मात, जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण


हाइलाइट्स

आज अमिताभ बच्चन अपना 80वां बर्थडे मना रहे हैं.
बिग बी कई बीमारियों को मात दे चुके हैं, जिसमें से एक है स्पाइनल टीबी.
आपको लगातार कमर, पीठ में दर्द रहे तो डॉक्टर से मिलें.

What is Spinal TB: बॉलीवुड के शहंशाह और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का आज (11 अक्टूबर) जन्मदिन है. आज बिग बी अपना 80वां बर्थडे मना रहे हैं. इतनी उम्र होने के बाद भी अमिताभ बच्चन खुद को बेहद एक्टिव रखते हैं. फिल्मों में काम करने के साथ-साथ टीवी पर गेम शो केबीसी को होस्ट भी कर रहे हैं. वे घंटों पूरी एनर्जी के साथ काम करते हैं, फिर भी उनके चेहरे पर थकान नज़र नहीं आती है. वे रील लाइफ ही नहीं, बल्कि रियल लाइफ में भी एक फाइटर हैं, जिन्होंने कई बीमारियों को भी हराया है. जी हां, अमिताभ बच्चन के लिवर का 75 प्रतिशत हिस्सा डैमज हो चुका है. उन्हें हेपेटाइटिस बी, अस्थमा, मियासथीनिया ग्रेविस नामक बीमारी भी हो चुकी है. इतना ही नहीं, वर्ष 2000 में केबीसी शो शुरू होने के दौरान अमिताभ बच्चन को यह पता चला था कि उन्हें स्पाइनल टीबी है. यह चौंकाने वाला खुलासा बिग बी ने खुद इसी शो में किया था.

उन्होंने यह भी बताया था कि कुर्सी पर बैठने के समय उन्हें अक्सर कमर, पीठ में दर्द होता था. तब वह इसे बैकपेन समझकर इग्नोर करते रहे. जब बाद में टेस्ट करवाया तो रीढ़ की हड्डी की टीबी से ग्रस्त होने का पता चला. हालांकि, उसके बाद उन्होंने तुरंत ही अपना इलाज शुरू करवाया. अब वो टीबी मुक्त हैं. आइए जानते हैं क्या है रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल ट्यूबरक्लोसिस, इसके लक्षण, कारण.

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क्या है रीढ़ की हड्डी का टीबी?

हेल्थलाइन में छपी एक खबर के अनुसार, टीबी एक बेहद ही गंभीर और संक्रामक रोग है, जो जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है. यह दुनिया भर में मौत के शीर्ष 10 कारणों में से एक है. क्षय रोग लाइलाज बीमारी नहीं है. इससे बचाव हो सकता है. यदि इसका निदान समय पर कर लिया जाए, तो यह आमतौर पर उपचार योग्य होता है. टीबी की बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती है. हड्डी की टीबी तब होती है, जब आपको ट्यूबरकुलोसिस हो और यह फेफड़ों के बाहर फैल जाए. टीबी होने पर यह फेफड़ों या लिम्फ नोड्स से रक्त के माध्यम से हड्डियों, रीढ़ या जोड़ों में पहुंच सकता है. हड्डियों में टीबी आमतौर पर लंबी हड्डियों और वर्टेब्रा के बीच में रिच वैस्कुलर सप्लाई के कारण शुरू होती है. हालांकि, हड्डियों या रीढ़ की हड्डी की टीबी (spinal tuberculosis) बहुत रेयर होती है.

रीढ़ की हड्डी के टीबी के लक्षण

हड्डी में टीबी होने के लक्षण जल्दी नज़र नहीं आते हैं. कई बार एडवांस स्टेज में जाकर इस टीबी के होने का पता चल पाता है. विशेष रूप से स्पाइनल टीबी का निदान करना कठिन है, क्योंकि यह प्रारंभिक अवस्था में दर्द रहित होता है. रोगी में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. जब बोन टीबी का निदान किया जाता है, तो लक्षण काफी बढ़े हुए और एडवांस स्टेज में पहुंच चुके होते हैं. निन्म लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें-

  • गंभीर रूप से पीठ में दर्द होना
  • सूजन की समस्या
  • पीठ में स्टिफनेस या सख्त महसूस होना
  • फोड़े होना, अस्थि विकृति या बोन डिफॉर्मिलिटीज
  • बार-बार बुखार आना
  • थकान महसूस करना
  • वजन कम होना
  • रात में पसीना आना
  • भूख ना लगना
  • हड्डियों का कमजोर होना

रीढ़ की हड्डी में टीबी होने के कारण

जब टीबी का बैक्टीरिया खून की कोशिकाओं से होकर ब्लड वेसल्स में जाए और फिर वहां से हड्डियों में पहुंच जाता है. इससे आपको स्पाइनल ट्यूबरकुलोसिस बीमारी हो सकती है. स्पाइनल टीबी ब्लड में इंफेक्शन होने के कारण होता है. इसका बैक्टीरिया ब्लड में जाकर फिर हड्डियों में प्रवेश करता है. कई बार कमजोर इम्यूनिटी होने के कारण भी माइकोबैक्टीरियम बैक्टीरिया आपको टीबी से ग्रस्त कर सकता है.

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रीढ़ की हड्डी का निदान, इलाज

यदि आपको लगातार रीढ़ की हड्डी में सूजन, दर्द हो, कमर, पीठ में दर्द रहे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ब्लड टेस्ट, एक्सरे, सीटी-एमआरआई, नीडल बायोप्सी आदि किया जाता है. यदि किसी को स्पाइनल टीबी होने का पता चलता है तो दवाएं दी जाती हैं. एंटी-ट्युबरक्युलर थेरेपी होती है. टीबी के इलाज में कई बार 6 महीने से लेकर एक साल तक दवाओं का सेवन किया जाता है. बहुत एडवांस स्टेज पर है तो इससे भी अधिक दिनों तक दवाओं का नियमित सेवन करना होता है.

रीढ़ की हड्डी से बचाव के उपाय

-साफ-सफाई का ध्यान रखें.
-हेल्दी और पौष्टिक खाना खाएं.
-शीरीरिक रूप से एक्टिव रहें.
-खाना खाने से पहले हाथों को साफ करें.
-पानी स्वच्छ पिएं.

Tags: Amitabh bachchan, Health, Lifestyle, TB



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