November 28, 2022
लक्षण दिखने से बहुत पहले ही कैंसर का पता चलेगा, गेम चेंजर साबित हो सकती है तकनीक


हाइलाइट्स

6662 लोगों पर ट्रायल कर ब्लड टेस्ट से कैंसर का पता लगाने का दावा किया है
टेस्ट से लीवर, आंत, यूटेरस, स्टेज 2 वाले पेनक्रिएटिक कैंसर का पता लगाया गया है

Cancer detection: कैंसर आज भी लाइलाज बीमारी है. आधुनिक विज्ञान ने कैंसर को खत्म करने के लिए कुछ तकनीक इजाद की है लेकिन आज भी इसका फुलप्रूव इलाज नहीं है. अब वैज्ञानिकों ने अपने ट्रायल के आधार पर दावा किया है कि सामान्य खून की जांच से कई तरह के कैंसर का पता बहुत पहले लगा लिया जाएगा. दरअसल, कैंसर स्क्रीनिंग को सुविधाजनक बनाने वाली एक हेल्थकेयर कंपनी ग्रेल ने  6662 लोगों पर ट्रायल कर ब्लड टेस्ट से कैंसर का पता लगाने का दावा किया है. अध्ययन के मुताबिक ट्रायल में शामिल 1 प्रतिशत लोगों में कैंसर होने का पता चला. अगर यह स्क्रीनिंग पूरी तरह से सफल होता है तो लाखों लोगों को इससे फायदा होगा. क्योंकि आज भी कैंसर का पता समय पर नहीं चल पाता है. मेडिकल साइंस में समय रहते अगर मरीज को इलाज मिल जाए तो बहुत से कैंसर को ठीक किया जा सकता हैं लेकिन इलाज के अभाव में ज्यादातर लोगों की मौत हो जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कैंसर होने के शुरुआती दौर में इसके कोई लक्षण सामने नहीं आते. अगर यह जांच वास्तव में सफल हो जाती है तो आने वाले समय में यह गेम चेंजर साबित हो सकती है.

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50 साल से ऊपर के लोगों पर टेस्ट
इंडिया टूडे की एक रिपोर्ट में कंपनी का दावा है कि कुछ लोगों में कैंसर के लक्षण पहले से नहीं दिख रहे थे लेकिन ब्लड टेस्ट से यह पता लग गया कि उन्हें कैंसर है. यह टेस्ट 50 साल से ऊपर के लोगों पर किया गया है जिनमें आमतौर पर कैंसर के होने का जोखिम ज्यादा रहता है. इस टेस्ट के परिणाम को यूरोपियन सोसाइटी फॉर मेडिकल ओंकोलॉजी कांग्रेस 2022 में पेश किया है. अध्ययन में शामिल करीब 1 प्रतिशत प्रतिभागियों में कैंसर पाया गया. इनमें कैंसर के ऐसे-ऐसे रूप शामिल हैं जिनका साधारण स्क्रीनिंग के माध्यम से पता भी नहीं लगाया जा सकता. ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह के परिणाम को जर्नल में प्रकाशित किया गया है.

ट्यूमर का भी पता लगाया गया
शोधकर्ताओं ने इस टेस्ट को मल्टी कैंसर अर्ली डिटेक्शन टेस्ट (MCED) नाम दिया है. शोधकर्ताओं ने कहा कि पहले जो टेस्ट की तकनीक थी, उसमें सुधार के लिए यह परीक्षण किया गया था. इससे कैंसर का पता समय रहते लगाया जा सकता है. ग्रेल के चीफ मेडिकल ऑफिसर जेफ्री वेनस्ट्रॉम ने बताया कि एमसीईडी से दोगुनी गति से कैंसर का पता लगाया जाएगा. यह गेम चेंजर साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस टेस्ट से लीवर, आंत, यूटेरस, स्टेज 2 वाले पेनक्रिएटिक और मुंह के कैंसर का पता लगाया गया है. टेस्ट के दौरान ओवेरियन और पेनक्रिएटिक कैंसर के अलावा ब्रेस्ट, लंग और कोलन में 19 ट्यूमर का भी पता चला. इस प्रकार 36 ट्यूमर पाए गए, जिनमें से 14 प्रारंभिक अवस्था में थे और शेष 26 ऐसे थे जिनको नियमित जांच की जरूरत थी.



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