November 28, 2022
मेनोपॉज के दौरान हॉट फ्लैशेज से बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये ड्रिंक्स, होगा फायदा


हाइलाइट्स

हॉट फ्लैशेज की समस्‍या से महिलाओं को हो सकती है कमजोरी और थकान.
मेनोपॉज के दौरान हेल्‍दी ड्रिंक्‍स का सेवन फायदेमंद हो सकता है.
हॉट फ्लैशेज से हो सकती है अनिद्रा की समस्‍या.

Drinks During Hot Flashes: कई बार महिलाएं रात में होने वाले हॉट फ्लैशेज और पसीना आने से परेशान रहती हैं. 40 से 45 उम्र के बाद महिलाओं को होने वाले ये लक्षण मेनोपॉज के हो सकते हैं. मेनोपॉज से संबंधित ये समस्‍या लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करती हैं. मेनोपॉज के दौरान 5 से 6 महीनों तक महिलाओं को हॉट फ्लैशेज का सामना करना पड़ सकता है. कई बार ये समस्‍या इतनी बढ़ जाती है कि कमजोरी, चक्‍कर, थकान और वजन कम होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में महिलाएं डाइट में बदलाव करके हॉट फ्लैशेज से राहत पा सकती हैं. हॉट फ्लैशेज से होने वाली कमजोरी को कम करने के लिए हेल्‍दी ड्रिंक्‍स का सेवन फायदेमंद हो सकता है. चलिए जानते हैं मेनोपॉज को मैनेज करने के लिए कौन से ड्रिंक्‍स डाइट में शामिल किए जा सकते हैं.

हेल्‍दी कूलर्स
मेनोपॉज के दौरान दर्द और तनाव को कम करने के लिए कुछ महिलाएं अल्‍कोहल का सेवन शुरू कर देती हैं, जो समस्‍याओं को कम करने की बजाय उन्‍हें और अधिक बढ़ा सकती हैं. हेल्‍थ शॉट्स के अनुसार, हॉट फ्लैशेज के दौरान महिलाओं को अधिक गर्मी और पसीना आता है ऐसे में अल्‍कोहल के सेवन से बचना चाहिए. इस समस्‍या से निपटने के लिए शहद और गुड़ से बने कूलर का प्रयोग किया जा सकता है. इसके अलावा अनानास, फ्रोजन केला और नारियल के दूध को मिलाकर पिना कोलाडा बनाया जा सकता है. इसी तरह मिंट और फ्रूटी कूलर्स का भी सेवन कर सकते हैं.

चाय
मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाओं को यह गलतफहमी  होती है कि चाय जोड़ों के दर्द और ऐंठन को बढ़ा सकती है. हालांकि, अधिक गर्म चाय पीने से दर्द बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में गर्म चाय की बजाय आइस्‍ड टी का सेवन किया जा सकता है. चाय में चीनी की मात्रा कम की जा सकती है. इसके अलावा चाय में प्राकृतिक मिठास जैसे गुड़ और शहद का इस्‍तेमाल कर सकती हैं.

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पानी
मेनोपॉज के दौरान पानी का इंटेक बढ़ाएं. पानी न केवल होमियोस्‍टेसिस में मदद करता है, बल्कि मांसपेशियों को ऐंठन से भी बचाता है. पानी सूजन को कम करके हार्मोन के स्‍तर को भी मेंटेन कर सकता है. हॉट फ्लैशेज के दौरान महिलाओं को मूड स्विंग की समस्‍या होती है, जिसे पानी कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. मेनोपॉज में महिलाओं को अधिक गर्मी लगती है, जिस वजह से पसीना अधिक आता है. पानी बॉडी को हाइड्रेट करता है और थकान को कम करता है. पानी में कुछ बूंदें सिट्रस फ्रूट की भी डाल सकती हैं. पानी में चीनी का प्रयोग न करें.

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Tags: Drinking Water, Health, Health problems, Lifestyle



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