November 28, 2022
मानव दूध में मिले प्लास्टिक के कण से हड़कंप, नवजात की मां इससे बचने के लिए क्या करें, जानें


हाइलाइट्स

मानव दूध में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले हैं जो पॉलीइथीलिन, पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलिन जैसे खतरनाक रसायनों से बने होते हैं.
गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को सलाह दी गई है कि हर हाल में प्लास्टिक के संपर्क से बचें

Human breast milk: बेबी के लिए मां का दूध इस धरती पर सबसे सर्वोत्तम माना जाता है लेकिन हालिया रिसर्च में बेहद चौंका देने वाली बात सामने आई है. दरअसल, अध्ययन में कहा गया है कि मानव दूध में प्लास्टिक के माइक्रो कण मिले हैं. यानी माइक्रोप्लास्टिक मां के दूध के माध्यम से बच्चों के शरीर में जा रहा है. विशेषज्ञों ने चेताया है कि बच्चों की हेल्थ के लिहाज से यह बहुत बड़ी चिंता की बात है. पॉलीमर जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव दूध में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले हैं जो पॉलीइथीलिन, पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलिन जैसे खतरनाक रसायनों से बने होते हैं.

समुद्री जीवों और जंतुओं में भी प्लास्टिक के कण
मिंट में छपी खबर के मुताबिक शोधकर्ताओं ने इटली के रोम में एक सप्ताह पहले बच्चे पैदा करने वाली 34 स्वस्थ्य माताओं के दूध का सैंपल लिया और इसका माइक्रोस्कोपिक विश्लेषण किया. इस विश्लेषण में 75 प्रतिशत दूध में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले. इससे पहले की एक स्टडी में माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव के कारण मानव कोशिकाओं, समुद्रीय जीवों और जानवरों में टॉक्सिन के असर को रेखांकित किया गया था. प्लास्टिक में अक्सर फेथलेट्स जैसे हानिकारक रसायन होते हैं. जो पहले भी ह्यूमन ब्रेस्ट मिल्क में पाए गए हैं. 2020 में भी इटालियन वैज्ञानिकों को महिलाओं के गर्भनाल में भी माइक्रोप्लास्टिक मिला था.

प्लास्टिक से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए
यूनिवर्सिटी पोलिटेसिनिया डेले मर्चे की प्रोफेसर डॉ वेलेंटिना नोटारस्टेफानो ने बताया कि हालांकि हमारा अध्ययन बहुत छोटा है और प्लास्टिक के संपर्क में रहने वाली महिलाओं के साथ इसका सीधा संबंध नहीं जुड़ा है लेकिन पहले के कई अध्ययनों में बताया गया कि प्लास्टिक से इंसान पर कितना नुकसान होता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाने या प्लास्टिक के बर्तन में पानी पीने से परहेज करना चाहिए. एक अन्य अध्ययन में पाया गया था कि प्लास्टिक के बर्तन को अगर गर्म कर दिया जाए तो उसमें रखी कोई भी चीज दूषित हो जाती है और इससे माइक्रोप्लास्टिक के पेट में जाने की आशंका रहती है. इसलिए गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को सलाह दी गई है कि हर हाल में प्लास्टिक के संपर्क से बचें. अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दूध पिला रही मांताओं से यह भी कहा है कि वे कॉस्मेटिक और टूथपेस्ट के इस्तेमाल से बचें. यहां तक कि सिंथेटिक फेब्रिक से भी बचने की सलाह दी गई है.

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Tags: Health, Health tips, Lifestyle



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