November 28, 2022
घर पर कैसे पता लगाएं ब्रेस्ट कैंसर का, ये आसान टिप्स करेंगे आपकी मदद


How To Check For Breast Cancer At Home: जब भी बात ब्रेस्ट यानी स्तन कैंसर की आती है, तो अक्सर महिलाओं के दिमाग में इसे लेकर कुछ सवाल होते हैं. हालांकि, इससे जुड़ी एक सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि बचाव ही इसका सबसे पहला इलाज है. कई रिसर्च में कहा गया है कि, प्रत्येक अट्ठाईस महिलाओं में से एक स्तन कैंसर से प्रभावित होती है. सर्वाइकल कैंसर के बाद महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर होता जा रहा है. जो तेजी से पैर पसार रहा है. ऐसे में स्तन कैंसर की सही समय पर पहचान बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसका पता लगा पाना बेह मुश्किल होता है

तो आपको बता दें कि खुद से ही नियमित रूप से अपने स्तनों की जांच से महिलाओं को बहुत मदद मिल सकती है. इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप घर में ही इस बात का पता लगा सकती हैं कि कहीं आप भी तो स्तन कैंसर से प्रभावित नहीं हैं.

क्या है ब्रेस्ट कैंसर?
ब्रेस्ट का काम टिश्यू से दूध बनाना होता है, जो सूक्ष्म वहनियों के जरिए निप्पल से जुड़े होते हैं. जब ब्रेस्ट स्तन में टिश्यू से छोटी गांठ बनने लगती है और छोटे सख्त कण जमा होने लगते हैं. इससे कैंसर की स्थिति पैदा होने लगती है. यही स्तन कैंसर है.

कितना जरूरी है सेल्फ एग्जामिनेशन?
ब्रेस्ट कैंसर का समय पर पता लगाने के लिए सेल्फ एग्जामिनेशन बेहद जरूरी है. क्योंकि, ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कराने वाली बहुत सी पेशेंट वह होती हैं, जो सबसे पहले अपने स्तनों में गांठ का पता लगाती हैं. सेल्फ एग्जामिनेशन के जरिए 10 में से आठ महिलाएं खुद ही ब्रेस्ट कैंसर का पता लगा लेती हैं. यही वजह है कि ज्यादातर डॉक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ महिलाओं को खुद से रोजाना अपने ब्रेस्ट की जांच करने की सलाह देते हैं.

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कैसे करें अपने स्तन की जांच?
सही समय पर ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि महिलाएं नियमित रूप से अपने स्तनों की जांच करती रहें. घर पर स्तन के स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें-

अपनी बाहों को मोड़ें और अपने सिर के पीछे रखें. अब अपनी उंगलियों से अपने स्तनों पर गोलाकार गति में दबाव डालना शुरू करें.

स्तनों की मालिश करते वक्त हल्के हाथों से दबाएं और यह पता लगाएं कि कहीं आपको दर्द तो नहीं हो रहा. इसके अलावा स्तन में असामान्य गति से कोई गांठ तो नहीं हो रही. देखें कि कहीं स्तन में कोई गांठ तो नहीं है, जो पहले नहीं थी.

अपने ब्रेस्ट की जांच करने के बाद निपल्स को दबाएं और देखें कि किसी तरह का डिस्चार्ज तो नहीं निकल रहा. कैंसर की स्थिति में तीन तरह के डिस्चार्ज होते हैं, जो चिंता का कारण बन सकते हैं.

नल के पानी की तरह डिस्चार्ज होना.

जब आप प्रेग्नेंट ना हों या ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा रही हों, ऐसी स्थिति में भी दूध की तरह डिस्चार्ज होना.

– अगर डिस्चार्ज घाव से निकलने वाले मवाद जैसा है.

जब आप अपने स्तनों की मालिश करती हैं, तो आपको उन गांठों पर भी ध्यान देना चाहिए जो सख्त हों. स्तनों में कई गांठें होती हैं, लेकिन सामान्य गांठें सपाट होती हैं और हिलती नहीं हैं.

Tags: Cancer, Health, Lifestyle



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