क्या वेजिटेरियन महिलाओं को हिप फ्रेक्चर का ज्यादा खतरा है? जानिए क्या कहती है रिसर्च » Br Breaking News
December 9, 2022
क्या वेजिटेरियन महिलाओं को हिप फ्रेक्चर का ज्यादा खतरा है? जानिए क्या कहती है रिसर्च


हाइलाइट्स

अध्ययन में पाया गया कि इन 20 सालों में 3 प्रतिशत महिलाओं में हिप फ्रेक्चर हो गया.
हड्डी की मजबूती के लिए प्रोटीन, कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है

vegetarian cause osteoporosis: ज्यादा उम्र में हड्डियों में थोड़ा भी नुकसान इंसान को कष्टमय जीवन में धकेल देता है. उम्र बढ़ने पर इंसान की हड्डियां कमजोर होने लगती है जिसके कारण कभी-कभी गिर भी जाते हैं. इससे हड्डियों में फ्रेक्चर हो जाता है. बुजुर्गों को फ्रेक्चर होने के बाद बहुत परेशानियों से गुजरना पड़ता है. हाल ही में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ बोन एंड मिनिरल रिसर्च के एक अध्ययन में दावा किया गया था कि बुजुर्गों में ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रेक्चर का जोखिम सबसे ज्यादा बढ़ गया है. अध्ययन में आगाह किया गया था कि 2050 तक दुनिया भर में लोगों में हिप फ्रेक्चर के मामले दोगुना बढ़ जाएंगे. अब एक नई रिसर्च में कहा गया है कि जो महिलाएं वेजीटेरियन है उनमें हिप या कूल्हा फ्रेक्चर होने की आशंका बहुत ज्यादा है. आमतौर पर वेजीटेरियन लोगों को बीमारियों से दूर होने का दावा किया जाता है लेकिन वर्तमान रिसर्च महिलाओं की हेल्थ के लिए चिंता का विषय है.

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स्मोकिंग और उम्र के बाद वेजीटेरियन सबसे बड़ा कारक
साइंसडेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक लीड्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है. इस अध्ययन को बीएमसी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है. अध्ययन इस बात का पता लगाने के लिए किया गया था कि हिप फ्रेक्चर किसमें ज्यादा होता है. इसके लिए उन्होंने वेजीटेरियन, नॉन वेजीटेरियन, मछली खाने वाले, मछली खाने वाले लेकिन मटन नहीं खाने वाले लोगों को वर्गों में विभाजित किया गया और इनपर अध्ययन किया गया. अध्ययन में मध्यम आयु वर्ग के 26,318 महिलाओं को शामिल किया और लगभग 20 साल तक इनकी हेल्थ पर बारीक नजर रखी गई. अध्ययन में पाया गया कि इन 20 सालों में 822 महिलाओं का हिप फ्रेक्चर हो गया. यह कुल महिलाओं का लगभग 3 प्रतिशत था. हालांकि हिप फ्रेक्चर के लिए अन्य कारकों पर ध्यान दिया गया लेकिन स्मोकिंग और उम्र के बाद सबसे बड़ा कारक वेजीटेरियन ही पाया गया.

तो क्या वेजिटेरियन हेल्दी फूड नहीं है
अध्ययन में जब पाया गया कि वेजिटेरियन महिलाओं में हिप फ्रेक्चर का खतरा ज्यादा है तब यह सवाल जायज था कि क्या वेजिटेरियन भोजन हेल्दी नहीं है. इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता जेम्स वेबस्टर ने बताया कि यह अध्ययन लोगों के लिए इस बात की चेतावनी नहीं है कि शाकाहारी भोजन छोड़ देना चाहिए. किसी भी अन्य आहार की तरह, व्यक्तिगत परिस्थितियों को समझना महत्वपूर्ण है और संतुलित स्वस्थ जीवन शैली के लिए किन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, इसे जानना जरूरी है. वेबस्टर ने बताया कि चाहे वेजिटेरियन हो या नॉन वेजिटेरियन, हर व्यक्ति में इसकी अलग-अलग जरूरतें हैं और किसी को भी इससे नुकसान हो सकता है, चाहे वह वेजिटेरियन हो या नॉन वेजिटेरियन. इसका मतलब यह हुआ कि जिन महिलाओं ने वेजिटेरियन डाइट का सहारा लिया उनमें आमतौर पर पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम का अभाव था जो कि नॉन वेज में ज्यादा मिल जाते हैं. इसलिए वेजिटेरियन डाइट को नुकसानदेह नहीं कहा जा सकता है.

वेजिटेरियन होकर हड्डी को कैसे मजबूत करें
डॉक्टरों के मुताबिक हड्डी की मजबूती के लिए प्रोटीन, कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसके अलावा विटामिन बी 12, विटामिन डी, ओमेगा थ्री फैटी एसिड, फॉस्फोरस और जिंक की जरूरत पड़ती है. इसके लिए हरी पत्तीदार सब्जियां जैसे कि फूलगोभी, सोयाबीन, टोफू, प्लांट बेस्ड ड्रिंक, रोटी, दूध, दही, डेयरी प्रोडक्ट, मसूर की दाल, सीशम सीड, राइस, ड्राई फ्रूट, किशमिश, अंजीर, खुबानी आदि का सेवन करें.



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